कार्यस्थल विवादों में कर्मचारियों के अधिकार
गलत बर्खास्तगी, वेतन विवाद, वैधानिक लाभ और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों पर एक व्यावहारिक नज़र।
लेख पढ़ें (अंग्रेज़ी) →बार काउंसिल ऑफ इंडिया अधिवक्ताओं को किसी भी रूप या तरीके से विज्ञापन या आग्रह (solicitation) की अनुमति नहीं देता। इस वेबसाइट को देखकर आप स्वीकार और पुष्टि करते हैं कि आप Urban Legal & Corporate से संबंधित जानकारी अपनी इच्छा से प्राप्त कर रहे हैं, और Urban Legal & Corporate या इसके सदस्यों द्वारा किसी प्रकार का आग्रह, विज्ञापन या प्रलोभन नहीं दिया गया है। इस वेबसाइट की सामग्री केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे आग्रह या विज्ञापन नहीं माना जाना चाहिए। इस वेबसाइट पर दी गई किसी भी सामग्री या जानकारी को कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। इस वेबसाइट की सामग्री/जानकारी पर भरोसा करके की गई किसी भी कार्रवाई के परिणामों के लिए Urban Legal & Corporate उत्तरदायी नहीं होगा। इस वेबसाइट की सामग्री Urban Legal & Corporate की बौद्धिक संपदा है।
व्यक्तियों, कंपनियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए — एक ही छत के नीचे कानूनी, कॉर्पोरेट, वित्तीय एवं अनुपालन समाधान। संस्थापक के नेतृत्व में, गोपनीय और सटीक।
वर्ष — कॉर्पोरेट गवर्नेंस एवं अनुपालन में अनुभव
वर्ष — रोज़गार एवं श्रम कानून पर विशेष ध्यान
प्रैक्टिस क्षेत्र, एक ही छत के नीचे
भर में परामर्श, सलाह एवं प्रतिनिधित्व
अनुभव
वर्ष — संस्थापक के नेतृत्व में प्रैक्टिस
Urban Legal & Corporate एक पूर्ण-सेवा पेशेवर फ़र्म है, जिसे अनुभवी अधिवक्ताओं, अटॉर्नी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरीज़ की बहु-विषयक टीम का सहयोग प्राप्त है। हमारे पेशेवर मज़बूत तकनीकी विशेषज्ञता को व्यावहारिक, उद्योग-आधारित समझ और ज़मीनी अनुभव के साथ जोड़ते हैं।
“हम रणनीतिक, नियमों के अनुरूप और व्यावसायिक रूप से ठोस सलाह देने में विश्वास रखते हैं। संस्थापक के नेतृत्व वाला हमारा मॉडल हर मामले में व्यक्तिगत ध्यान, जवाबदेही और उच्च-गुणवत्ता का काम सुनिश्चित करता है।” विक्रम प्रताप सिंह — संस्थापक, श्रम एवं रोज़गार कानून प्रैक्टिसटीम से मिलें →
व्यक्तियों, व्यवसायों और संस्थानों के लिए कानूनी सहायता — कोई क्षेत्र चुनें और देखें कि हम कैसे मदद करते हैं।
स्पष्ट चरण, पारदर्शी संवाद और अनुशासित काम — पहली बातचीत से लेकर समाधान तक।
अपना मामला बताएँ →सही कानूनी रास्ता सुझाने से पहले हम आपके मामले, दस्तावेज़ों, तात्कालिकता, कानूनी स्थिति और व्यावहारिक उद्देश्य को समझते हैं।
हमारी टीम तथ्यों, वैधानिक आवश्यकताओं, जोखिमों और उपलब्ध उपायों की समीक्षा करके एक स्पष्ट, नियम-सम्मत और व्यावहारिक रणनीति तैयार करती है।
हम नोटिस, याचिकाएँ, जवाब, अनुबंध, ROC दस्तावेज़, टैक्स/GST कागज़ात और सहायक रिकॉर्ड सटीकता से तैयार करते हैं।
हम प्राधिकरणों, न्यायाधिकरणों और अदालतों के समक्ष क्लाइंट्स का प्रतिनिधित्व करते हैं, और संवाद को पारदर्शी व परिणाम-केंद्रित रखते हैं।
संस्थापक के नेतृत्व में, पार्टनर द्वारा संचालित। पूरी प्रोफ़ाइल पढ़ने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
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कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हुए और निष्पक्ष, वैध प्रथाओं को बढ़ावा देते हुए व्यावहारिक, समय पर और नियम-सम्मत कानूनी समाधान देना।
संस्थापक के नेतृत्व और पार्टनर द्वारा संचालित प्रैक्टिस, जो व्यक्तियों और संस्थानों को बहु-विषयक कानूनी, वित्तीय एवं अनुपालन सेवाएँ देती है।
कानूनी जोखिमों का सावधानी से प्रबंधन करते हुए भरोसेमंद, नैतिक और उच्च-गुणवत्ता वाली पेशेवर सेवाएँ।
गलत बर्खास्तगी, वेतन विवाद, वैधानिक लाभ और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों पर एक व्यावहारिक नज़र।
लेख पढ़ें (अंग्रेज़ी) →जटिल रोज़गार और श्रम कानून, आसान भाषा में — पूरे भारत के कर्मचारियों, पेशेवरों और व्यवसायों के लिए व्यावहारिक कानूनी जानकारी।
यह विक्रम प्रताप सिंह द्वारा ऑल दिल्ली ट्रेड यूनियनिस्ट एसोसिएशन और जय जवान जय किसान एक्सपोर्ट कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष के रूप में चलाया जाता है — अधिवक्ता के रूप में नहीं। सामग्री केवल सामान्य जागरूकता के लिए है, कानूनी सलाह या आग्रह नहीं।
संस्थापक के बारे में →आपकी तैयारी में मदद के लिए सामान्य जानकारी। हर मामला अलग होता है — अपनी स्थिति पर सलाह के लिए सीधे हमसे बात करें।
अपना सवाल पूछें →अपना नियुक्ति पत्र, बर्खास्तगी पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और बर्खास्तगी से जुड़े सभी ईमेल या मैसेज की कॉपी संभालकर रखें। दबाव में आकर इस्तीफ़े या “फ़ुल एंड फ़ाइनल” सेटलमेंट पर तब तक हस्ताक्षर न करें, जब तक आप उसका मतलब न समझ लें।
आपकी भूमिका और तथ्यों के आधार पर उपायों में कानूनी नोटिस, श्रम विभाग के समक्ष सुलह (conciliation), या लेबर कोर्ट, औद्योगिक न्यायाधिकरण या किसी अन्य फ़ोरम में कार्यवाही शामिल हो सकती है। इनमें सख़्त समय-सीमा लागू हो सकती है, इसलिए जल्दी सलाह लेना बेहतर है।
बकाया वेतन, नोटिस पे, लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, बोनस और प्रोविडेंट फ़ंड का बकाया आमतौर पर उपयुक्त श्रम प्राधिकरण या फ़ोरम के ज़रिए माँगा जा सकता है। अक्सर पहला कदम नियोक्ता को कानूनी नोटिस भेजना होता है। बकाया राशि और नियोक्ता के साथ हुई सारी बातचीत का रिकॉर्ड रखें।
इसे नज़रअंदाज़ न करें। उधारकर्ता डिमांड नोटिस का जवाब दे सकता है, और ऋणदाता की कार्रवाई के ख़िलाफ़ डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) और डेट रिकवरी अपीलेट ट्रिब्यूनल (DRAT) में उपाय उपलब्ध हैं। ये उपाय समय-सीमा से बँधे हैं, इसलिए नोटिस मिलते ही उसकी समीक्षा करानी चाहिए।
हाँ। मुकदमों के साथ-साथ फ़र्म कंपनी और LLP का गठन, ROC फ़ाइलिंग और वार्षिक अनुपालन, बोर्ड प्रस्ताव, GST, इनकम टैक्स और TDS का काम, श्रम कानून अनुपालन तथा व्यावसायिक और रोज़गार अनुबंधों का ड्राफ़्टिंग भी करती है।
हाँ। हम पूरे भारत में परामर्श, सलाह, मुकदमे में सहायता और प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं, जिसमें हाई कोर्ट, लेबर कोर्ट, औद्योगिक न्यायाधिकरण, NCLT और DRT/DRAT शामिल हैं।
घटनाओं की एक छोटी समय-रेखा और सभी संबंधित दस्तावेज़ों की कॉपी साथ लाएँ — अनुबंध या नियुक्ति पत्र, मिले हुए नोटिस, पत्राचार, आदेश और भुगतान के रिकॉर्ड। इससे हम आपकी कानूनी स्थिति और उद्देश्य जल्दी समझ पाते हैं।
नहीं। केवल इस वेबसाइट के ज़रिए संपर्क करने से अधिवक्ता–क्लाइंट संबंध नहीं बनता। यह संबंध तभी शुरू होता है जब हम आपके मामले पर चर्चा करके औपचारिक रूप से आपकी ओर से काम करने के लिए सहमत होते हैं।
हाँ। आपके मामले का विवरण गोपनीय रखा जाता है। हम व्यक्तिगत डेटा कैसे संभालते हैं, यह आप हमारी प्राइवेसी पॉलिसी (अंग्रेज़ी) में पढ़ सकते हैं।
यह जानकारी सामान्य प्रकृति की है और कानूनी सलाह नहीं है।
व्यावहारिक कानूनी सलाह, अनुपालन मार्गदर्शन, दस्तावेज़ीकरण, मुकदमे में सहायता, और अदालतों, न्यायाधिकरणों व प्राधिकरणों के समक्ष प्रतिनिधित्व।
362, बाल मुकुंद खंड, गिरि नगर, कालकाजी, नई दिल्ली – 110019
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